अब परमेश्वर के साथ पहले वाला लगाव नहीं है। मैं क्या करूँ?

मेरा बाईबल पढ़ना और प्रार्थना करना मशीनी हो गया है। अब परमेश्वर के साथ पहले वाला लगाव नहीं है। भाई जॉन, मैं क्या करूँ? कृपया मेरी सहायता करे।

   प्रिय मित्र, ऐसे बहुत से मसीही हैं जो परमेश्वर के साथ अपना पहला सा प्रेम खो चुके हैं। अब बाईबल पढ़ना और प्रार्थना करना मशीनी हो गया है। हर दिन बाईबल पढ़ते तो हैं लेकिन यह एक रूटीन का हिस्सा बन गया है। अब पहले वाला जिज्ञासा या उत्साह लगभग खत्म हो गया है। प्रभु के प्रियों, मैंने यीशु को 2003 में ग्रहण किया। तब से लेकर कई बार ऐसा मेरा साथ ऐसा हो चुका है। मैं आपको अपना अनुभव और परमेश्वर के वचन से कुछ सुझाव देना चाहता हूँ-

  • सब से पहले आप इस बात को प्रभु के सामने अंगीकार करे कि आपका प्रेम आज कल प्रभु के लिए कम हो गया है। मैं ईमानदारी से प्रभु से कहता था- “प्रभु मैं जानता हूँ कि आप मुझ से बहुत प्रेम करते हो और हर दिन मुझ से बातें करने के लिए आते हो। लेकिन मैं आप से आज कल बहुत थोड़ा प्रेम करता हूँ। बिल्कुल थोड़ा सा। मैं आप से ‘इसीलिए’ प्रेम करता हूँ – लेकिन आप मुझ से ‘फिर भी’ बिना शर्त प्रेम करते हो। मुझे माफ कीजिए। हे पवित्र आत्मा मुझे फिर से परमेश्वर का प्रेम से भर दीजिए। I love you Jesus…! यीशु के नाम से आमीन।“
    • हमें परमेश्वर से अपने सारे मन, सारे प्राण और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम करना चाहिए (मत्ती 22:37)। यह एक तथ्य है। यह एक आज्ञा है। यह भावनात्मक प्रेम नहीं है। हममें से कुछ लोग बहुत ही भावनात्मक हैं। हम हर समय किसी तरह का भावनात्मक अनुभव की अपेक्षा करते हैं। याद रखे- हमारे अंदर परमेश्वर के प्रति भावना हो या नहीं हो, हमें उससे प्रेम करना ही है। लिखा है– “यदि तुम मेरे आज्ञाओं को मानोगे, तो मेरे प्रेम में बने रहोगे; जैसा कि मैं ने अपने पिता कि आज्ञाओं को माना है, और उसके प्रेम में बना रहता हूँ।“ (यूहन्ना 15:10) परमेश्वर के प्रति आज्ञाकारिता इस बात का प्रमाण है कि हम परमेश्वर से प्रेम करते हैं। आइये हम स्वयं को जाँचे। क्या हम परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन करते हैं? ऐसे कौन-कौन सी आज्ञा हैं जिनका पालन हम नहीं कर पाते हैं?
    • अगर पवित्र आत्मा हमें किसी पाप के लिए निरुत्तर करता है तो उस विशेष पाप के लिए क्षमा मांगे।
    • अपने आस-पास मसीही संगति से जुड़े। साप्ताहिक बाईबल अध्ययन में हिस्सा ले। मसीही संगति आपके अंदर फिर से वो प्रेम को जगा देगी।
    • सप्ताह में एक बार किसी ऐसे व्यक्ति के साथ समय व्यतीत करे जो आत्मिक रूप से अच्छा हो। आप मिल कर एक दूसरे की सुने। एक दूसरे को उत्साहित करे। एक दूसरे के लिए प्रार्थना किया करे।
    • हो सके तो महिना में एक बार आप ध्यान-मनन के लिए किसी प्राकृतिक स्थान में परमेश्वर के साथ समय बिताए।
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